जोशीमठ के बाद अब धंस रहा उत्तराखंड का ये शहर, सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किए जा रहे लोग

जोशीमठ के बाद अब धंस रहा उत्तराखंड का ये शहर, सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किए जा रहे लोग
नौगांव के सौली कस्बे में लगातार भू-धंसाव के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जनसुरक्षा सुनिश्च …और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत नौगांव के सौली कस्बे में लगातार हो रहे भू-धंसाव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मंगलवार देर शाम प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने मौके पर भू-धंसाव की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की जाए: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने कहा कि भू-धंसाव से प्रभावित रिहायशी क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी बड़कोट समेत संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सरकारी भवनों अथवा किराये के सुरक्षित मकानों में अस्थायी रूप से ठहराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को सरकारी भवनों में ठहराए जाने की स्थिति में भोजन एवं अन्य बुनियादी जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में कम्युनिटी किचन शुरू करने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल सूखा राशन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नुकसान का आंकलन कर विस्थापन की उठाई मांग
निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत सभासद सुनील कोहली, पूर्व सभासद विजयपाल रावत, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल तथा हरी मोहन जुवांठा ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रभावित परिवारों की समस्याएं रखीं। उन्होंने भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराने तथा खतरे की जद में आए परिवारों के सुरक्षित विस्थापन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव के कारण प्रभावित परिवारों में भय का माहौल है। ऐसे में प्रभावितों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
डीएम ने अधिकारियों को भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थिति में किसी भी प्रकार का बदलाव अथवा आकस्मिक घटना होने पर इसकी सूचना तत्काल आपदा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।



