
भारत की सबसे हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन का विस्तार अब उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश तक किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए आवश्यक सर्वे को मंजूरी देने के संकेत दिए हैं, जिससे लंबे समय से प्रस्तावित इस कॉरिडोर पर काम तेज होने की उम्मीद है।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर गंभीर है और डीपीआर सर्वे के लिए जल्द स्वीकृति जारी की जाएगी। इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने 9 जून को राज्य सरकार को रिमाइंडर पत्र भेजा था।
150 किलोमीटर लंबा होगा नया कॉरिडोर
प्रस्तावित योजना के अनुसार मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से ऋषिकेश तक करीब 150 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसमें लगभग 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा। उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही डीपीआर सर्वे के लिए अपनी सहमति दे चुकी है।
इन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित रूट सराय काले खां, गाजियाबाद और मेरठ से आगे बढ़ते हुए मोदीपुरम, दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नमो भारत ट्रेन को हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के समक्ष रखा था। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद अब परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट और डीपीआर सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के साकार होने पर उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर और देवभूमि के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।



