आस्थाऋषिकेश

अक्षय तृतीया पर श्री भरत भगवान के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु, दर्शन और परिक्रमा मात्र से होती है बद्रीनाथ धाम के दर्शनों के पुण्य-लाभ की प्राप्ति

अक्षय तृतीया पर श्री भरत भगवान के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु, दर्शन और परिक्रमा मात्र से होती है बद्रीनाथ धाम के दर्शनों के पुण्य-लाभ की प्राप्ति।

उत्तराखंड में तीर्थनगरी ऋषिकेश को भगवान विष्णु की नगरी भी कहा जाता है। ऋषिकेश का नाम भगवान विष्णु के ही नाम हृषिकेश पर पड़ा हुआ है। मान्यता है 12 वीं शताब्दी से भगवान विष्णु ऋषिकेश में झंडा चौक स्थित श्रीभरत मंदिर में विराजमान है।

भरत मंदिर में स्थित भगवान विष्णु की मूर्ति उसी शालिग्राम शिला से निर्मित है, जिस शिला से बद्रीनाथ धाम में बद्रीनारायण की मूर्ति निर्मित की गई है। इस मन्दिर में अक्षय तृतीया के दिन जो भी भक्त 108 परिक्रमा करता है। उस भक्त को भगवान श्री बद्रीनारायण के दर्शन के पुण्य-लाभ की प्राप्ति भी होती है। इसी कड़ी में आज दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु भरत भगवान के दर्शनो के लिए पहुंचे।

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