
बॉलीवुड प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री भूमि पेडनेकर आज ऋषिकेश परमार्थ निकेतन में पहुंची। इस दौरान उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। स्वामी चिदानंद ने भूमि पेडनेकर को अंगवस्त्र, रूद्राक्ष का दिव्य पौधा, रूद्राक्ष की माला भेंट कर उनका अभिनन्दन किया। जिसके बाद भूमि ने गंगा आरती में भी प्रतिभाग किया।
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि गंगा तट पर स्थित इस दिव्य आध्यात्मिक धाम परमार्थ निकेतन में पहुँचकर अत्यंत शान्ति का अनुभव हो रहा है। यह क्षण मेरे लिये भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन मूल्यों से जुड़ने का एक अत्यंत पावन और आत्मिक क्षण है। यह एक ऐसी आध्यात्मिक भूमि है जहाँ आकर मन को शांति, संतोष और जीवन को एक नई सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है।
परमार्थ निकेतन सदैव से भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान, सेवा और आध्यात्मिकता का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ आने वाला प्रत्येक साधक, अतिथि और श्रद्धालु गंगा की निर्मल धारा, हिमालय की पावन ऊर्जा और पूज्य संतों के सान्निध्य में अद्भुत शांति और आत्मिक आनंद का अनुभव करते हैं। इसी दिव्यता का अनुभव करने का सौभाग्य आज मुझे प्राप्त हुआ है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज जब सम्पूर्ण विश्व शांति, संतुलन और सकारात्मकता की खोज में है, तब भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराएँ मानवता को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं। साध्वी भगवती सरस्वत ने कहा कि भारतीय जीवन मूल्य, करुणा, सेवा और आत्मिक जागरण के केन्द्र है। उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साधक विशेषकर कला और फिल्म जगत के प्रेरणादायी व्यक्तित्व, आध्यात्मिकता से जुड़ते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव समाज और युवाओं तक व्यापक रूप से पहुँचता है।
साध्वी ने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी जब हम आध्यात्मिकता की ओर कदम बढ़ाते हैं, तो हमें भीतर से नई ऊर्जा, प्रेरणा और संतुलन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों, आध्यात्मिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता से जुड़े रहें यही तो वास्तव में जीवन है।



