एम्स ऋषिकेश पहुंचे अंतरिक्ष यात्री कैप्टन शुभांशु शुक्ला, छात्रों को किया प्रेरित

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एम्स ऋषिकेश में आयोजित एक प्रेरक कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, नवाचार और चुनौतीपूर्ण करियर के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करना आवश्यक है।
संस्थान के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने आसपास के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं के साथ अपने अंतरिक्ष सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत के युवा वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने छात्रों को विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन से कठिन लक्ष्य भी दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से प्राप्त किए जा सकते हैं।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अपने स्कूली जीवन से लेकर भारतीय वायु सेना और फिर अंतरिक्ष यात्री बनने तक की प्रेरक यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने अंतरिक्ष मिशन के लिए चयन प्रक्रिया, गुरुत्वाकर्षण एवं भारहीनता से जुड़ा प्रशिक्षण, मानसिक एवं शारीरिक तैयारी, मेडिकल इमरजेंसी प्रशिक्षण, मिशन लॉन्च, अंतरिक्ष में चिकित्सा (मेडिसिन इन स्पेस) तथा पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी तक के अनुभवों को वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने से शरीर की मांसपेशियाँ और हड्डियाँ प्रभावित होती हैं तथा शरीर का संतुलन भी बदल जाता है। इसलिए पृथ्वी पर लौटने के बाद मांसपेशियों और शरीर की संतुलन प्रणाली को पुनः प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होती है।
पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक की अपनी यात्रा का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान जिज्ञासा, अनुशासन और समर्पण का क्षेत्र है। उनके अनुभवों ने छात्रों को सीमाओं से आगे सोचने तथा विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान में भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। संवाद सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करते हुए उन्हें देश का वास्तविक नायक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा ने उनके साथ एक इंटरैक्टिव सत्र का संचालन किया, जिसमें सफलता, नेतृत्व और चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, डीडीए ले कर्नल गोपाल मेहरा, संस्थान के विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, मेडिकल एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राओं सहित विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इंसेट
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ फाइटर पायलट एवं अंतरिक्ष यात्री हैं। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में हुआ। एनडीए से पास आउट कैप्टन शुभांशु ने जून 2006 में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विंग में कमीशन प्राप्त किया और बाद में एक अनुभवी टेस्ट पायलट के रूप में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2019 में उन्हें इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल किया गया। 25 जून 2025 को उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन के पायलट के रूप में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए उड़ान भरी। 18 दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने के बाद वह 15 जुलाई 2025 को सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे। यह मिशन नासा, स्पेसएक्स, एक्सिओम स्पेस तथा इसरो के सहयोग से संपन्न हुआ था। वर्ष 1984 में राकेश शर्मा के बाद पृथ्वी की कक्षा में पहुँचने वाले वह दूसरे भारतीय बने। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।



